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वीडियो कविता : ख़ुमार बाराबंकवी- अकेले हैं वो और झुंझला रहे हैं

काव्य डेस्क

Irshaad
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                                                  ख़ुमार साहब महान शायर और गीतकार मजरूह सुलतानपुरी आपके अज़ीज़ दोस्त थे। आपका अंदाजे बयां भी औरों से अलग था जो इनकी ख़ूबसूरत ग़ज़लों में और भी चार-चाँद लगाता था।    
                                                              
                  

                    
                                            

                        
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