दिल्ली में तीन दिन से जारी बारिश के बीच राजधानी से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है... दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई... हादसे के वक्त इमारत के अंदर कई लोगों के मौजूद होने की बात सामने आ रही है... मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है... कुछ लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है... हादसे की सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया...
ये तस्वीरें दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके की हैं... जहां दोपहर के वक्त अचानक एक बिल्डिंग भरभराकर गिर गई... कुछ ही सेकेंड में पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई... हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई...
बताया जा रहा है कि ये हादसा मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ... शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में हॉस्टल चल रहा था और यहां छात्र रहते थे...
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं... मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया...
हादसे की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दोपहर करीब 1 बजकर 33 मिनट पर मिली... कॉल मिलते ही फायर डिपार्टमेंट की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं...
मौके पर हालात की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाया गया... मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू किया गया...
रेस्क्यू के दौरान कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया... घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है... हालांकि, अभी मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है...
सबसे बड़ी चुनौती मलबे के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की है... इसके लिए अतिरिक्त उपकरण मौके पर मंगाए गए हैं... बचाव दल बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाने का काम कर रहा है...
पुलिस, दमकल विभाग के साथ डीडीएमए और एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई है... एजेंसियों के पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किए जाने की तैयारी है...
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हो गए हैं... पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्य के लिए रास्ता साफ रखने की कोशिश कर रही है...
दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है... ऐसे में इमारत के अचानक ढहने की घटना ने सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं...
हालांकि, बिल्डिंग गिरने की वास्तविक वजह क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है... क्या लगातार बारिश के कारण इमारत कमजोर हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी इसकी जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी...
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है...
सत्य निकेतन दिल्ली का ऐसा इलाका है जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा किराये के मकानों और हॉस्टल में रहते हैं... ऐसे में हॉस्टल वाली बिल्डिंग के गिरने की खबर से इलाके में रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई है...
मौके पर मौजूद पुलिस और राहत दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं... बचाव अभियान के दौरान किसी दूसरे हिस्से के गिरने की आशंका को देखते हुए भी सावधानी बरती जा रही है...
हर गुजरते मिनट के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन अहम होता जा रहा है... मलबे के नीचे फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना बचाव दल की सबसे बड़ी प्राथमिकता है...
फिलहाल सत्य निकेतन में राहत और बचाव अभियान जारी है... कई लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है... लेकिन मलबे के नीचे अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है...
दिल्ली में लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर जर्जर और कमजोर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं... अब नजर इस बात पर है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है और इमारत गिरने की असली वजह जांच में क्या सामने आती है...