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Asaduddin Owaisi ON PM Modi : मुस्लिम आबादी पर ओवैसी का PM मोदी पर तीखा हमला, दागे कई तीखे सवाल!

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sat, 07 Feb 2026 03:25 AM IST

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं राज्यसभा में PM मोदी का भाषण सुन रहा था। उन्होंने कहा कि, पूरी दुनिया में आबादी बूढ़ी हो रही है, जबकि हमारे देश की आबादी जवान है। काश कोई खड़ा होकर देश के प्रधानमंत्री से पूछता कि अगर देश की 60% आबादी 40 साल से कम उम्र की है, तो आपने उनके लिए रोज़गार के क्या मौके बनाए हैं? आपने इन लोगों को कौन से कौशल सिखाए हैं?"

उन्होंने आगे कहा, "इस देश में मुस्लिम आबादी कभी भी हमारे हिंदुओं की आबादी से ज़्यादा नहीं होगी। अब उन्हें समझ आ रहा है कि, 20-30 साल बाद देश की आबादी बूढ़ी हो जाएगी। RSS के मोहन भागवत लोगों से 3 बच्चे पैदा करने को कह रहे हैं, हालांकि वह खुद ऐसा नहीं कर रहे हैं; यह दूसरी बात है.पहले वे कहते थे कि वे जनसंख्या नियंत्रण पर बिल लाएंगे। वे हमारी आलोचना करते थे। लेकिन अब उन्हें एहसास हो गया है कि अगर किसी देश की आबादी बूढ़ी हो जाती है तो उस पर क्या असर पड़ता है

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा है। एक सार्वजनिक सभा और मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने केंद्र सरकार की नीतियों, सामाजिक मुद्दों और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कई सवाल खड़े किए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार विकास और सबका साथ, सबका विकास की बात तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभाव बढ़ा है। ओवैसी ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं पर सरकार गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।

ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है और असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की आवाज़ सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, मीडिया और विपक्ष पर दबाव बनाना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार बड़ी-बड़ी उपलब्धियों का दावा करती है, लेकिन आम जनता को उसका सीधा लाभ नहीं मिल रहा है। ओवैसी ने यह भी कहा कि सरकार को नफरत की राजनीति छोड़कर रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस करना चाहिए।

ओवैसी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा नेताओं ने उनके आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सभी वर्गों के लिए विकास कार्य किए हैं और देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष के नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान देते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असदुद्दीन ओवैसी के बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं। वे लगातार केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मुखर रहे हैं और खुद को एक मजबूत विपक्षी आवाज़ के रूप में पेश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, ओवैसी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर साधा गया यह निशाना एक बार फिर देश की राजनीति में वैचारिक टकराव को उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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