उपमंडल अंब के तहत पंचायत ठठल के गांव नक्की के किसान विपन हाकम ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर मन में लगन और मेहनत का जज्बा हो तो कोई भी काम असंभव नहीं। उन्होंने वर्षों से पड़ी बंजर भूमि को उपजाऊ खेतों में बदल दिया, जो आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। विपन हाकम ने बताया कि जिस भूमि पर आज सरसों की लहलहाती फसल खड़ी है, वह कभी पूरी तरह बंजर थी और यहां खेती करना असंभव माना जाता था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पानी की व्यवस्था न होने के बावजूद, वे अपने ट्रैक्टर से टैंकर में पानी लाकर फसलों को सींचते हैं। उनका कहना है कि फसल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हर तीसरे दिन पानी देना पड़ता है। किसान विपन हाकम ने अपने खेत में इस बार सरसों की फसल बोई है, जो इस समय बहुत अच्छी स्थिति में है। खेतों में हरियाली देखकर ग्रामीण भी हैरान हैं कि जो भूमि कभी सूखी और बंजर थी, आज वहां लहलहाती फसल खड़ी है। उन्होंने बताया कि खेती के प्रति प्रेम और मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है। “अगर इंसान सच्चे मन से मेहनत करे तो कोई भी काम मुश्किल नहीं रहता। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विपन हाकम की मेहनत ने पूरे क्षेत्र में एक नई प्रेरणा की लहर फैलाई है। अब कई युवा किसान भी उनसे प्रेरित होकर खेती की ओर रुख कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लगन और परिश्रम हो, तो बंजर भूमि भी सोना उगल सकती है।