अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला ऊना में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति अवार्ड से पुरस्कृत एसएचओ सदर ऊना मनोज वालिया ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर हम ना तो नशा करेंगे और ना ही समाज में किसी को करने देंगे की भी शपथ दिलाई गई। उन्होंने कहा कि अगर समाज में कोई भी नशे की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी जानकारी पुलिस को अवश्य दें, ताकि इसकी रोकथाम की जा सके। इसमें युवाओं की अहम भूमिका है । इस अवसर पर उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया और कहा कि अपने किसी भी प्रकार की कोई जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा ना करें। ना ही स्कूल आते-जाते समय अजनबी से किसी भी प्रकार की कोई लिफ्ट ना लें। कहा कि 18 साल से कम आयु वाले युवा किसी प्रकार का कोई वाहन ड्राइव ना करें और इस दौरान कोई भी घटना घटित हो जाती है तो इसमें युवाओं के माता-पिता आरोपी होंगे। जो भी दुर्घटना के दौरान क्लेम होगा, उनके माता-पिता से जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा। यहां तक की कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है तो सजा का प्रावधान भी किया गया है। कहा कि नशे की लत में फंसकर युवा अब चोरियां तक करने में लगे हैं और घर-परिवार में मारपीट की घटनाएं भी नशे की लत को पूरा करने के लिए रोजाना आम होती जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अगर दुकान के बाहर कहीं पर कोई नशा या स्कूल के दायरे में बेच रहा है तो उसकी सूचना भी पुलिस को अवश्य दें। स्कूल प्रिंसिपल सुरेंद्र कौंडल ने कहा कि बच्चों को अपने जीवन में दो लोगों का डर होना आवश्यक है। पहले पुलिस का इसलिए ताकि किसी भी प्रकार के क्राइम को करने से पहले उसमें इसके परिणाम का खौफ मन में जरूर हो। दूसरा शिक्षक का डर होना जरूरी है ताकि एक सभ्य समाज की ओर आज की युवा पीढ़ी को लिया जा सके और यह तभी संभव है अगर इनका डर बच्चों के मन में रहेगा।