महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास महासभा की ओर से संभावित रोष प्रदर्शन को देखते हुए गुरुवार सुबह ऊना शहर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसमें करीब 50 जवान बनगढ़ बटालियन से मंगवाए गए। प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अनचाही घटना न हो, उससे बचाव के लिए पुलिस के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया। हालांकि, सुबह 11:00 बजे तक माहौल शांतिपूर्ण बना रहा और किसी प्रकार के प्रदर्शन की शुरुआत नहीं हुई। आज से ही अंब के स्कूल मैदान में मां श्री चिंतपूर्णी महोत्सव की शुरुआत भी हो रही है। ऐसे में वहां की पूरी व्यवस्था को बनाकर रखने का जिम्मा भी जिला प्रशासन के हाथों में है। इस बीच सामाजिक संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शनों ने प्रशासन की चुनौती को बढ़ा दिया है। बीते शनिवार को हरोली के क्षेत्र के एक युवक पर जातिसूचक शब्दों वाली एक रील सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप लगा। इसी मामले में महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा ने उस युवक को पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो डालते हुए उसे पुलिस के हाथों में सौंपा। यह मामला उस समय गरमा गया, जब दूसरे पक्ष के साथ कई सामाजिक संगठन खड़े हो गए। उन्होंने यह तर्क दिया कि कोई संगठन का व्यक्ति किसी एक युवक को पकड़ने का हक कैसे रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक को बंधक भी बनाया गया और मारपीट भी की गई। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन बीते सोमवार को किया गया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकदम महासभा के अध्यक्ष अमित वाल्मीकि पर केस भी दर्ज करवाया गया। इसके बाद अब वाल्मीकि महासभा में रोष है और संभावित प्रदर्शन की कॉल की है।