डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल लठियाणी में दशहरे का पर्व बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के पात्रों के माध्यम से प्रभावशाली संवाद प्रस्तुत किए। इन संवादों के जरिए उन्होंने मर्यादा, साहस, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। विद्यालय के प्रधानाचार्य वरुण शर्मा ने सभी को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार हमें सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और आदर्शों का प्रतीक है। वहीं, रावण का अंत यह सिखाता है कि अहंकार और बुराई का परिणाम हमेशा विनाशकारी होता है। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, बड़ों का सम्मान करने और सत्य व नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, जिम्मेदार और आदर्श नागरिक बनाना भी है। विद्यालय में आयोजित दशहरा उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझने का अवसर मिला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रावण दहन ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। इस उत्सव ने विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार के सदस्यों में उत्साह और सकारात्मकता का संचार किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में सत्य, सदाचार और अच्छे आचरण का महत्व समझाया गया।