गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सीबीएसई के तत्वावधान में शिक्षकों के लिए आपदा प्रबंधन पर क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और शिक्षण कौशल को बढ़ाने के साथ उन्हें विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए जागरूक और सक्षम बनाना था। कार्यशाला में नीरज मदान और अनीला नायर ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों, व्यावहारिक उदाहरणों और सहभागितापूर्ण अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। शिक्षकों को भूकंप, आग लगने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक तथा मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। इसमें सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार और संकट की स्थिति में उचित निर्णय लेने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। संसाधन व्यक्तियों ने बताया कि आपदा के दौरान धैर्य, सतर्कता, सूझबूझ और सामूहिक सहयोग से संभावित जोखिमों को कम किया जा सकता है। शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं सुरक्षित रहने के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय भी समझाए गए। विद्यालय की प्रधानाचार्या सागरिका बख्शी ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को प्रशिक्षण में सीखी गई जानकारी विद्यार्थियों के साथ नियमित रूप से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करने के लिए जागरूक और सक्षम बनाना भी है। उन्होंने विद्यालय में नियमित सुरक्षा अभ्यास और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के महत्व पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों की सुरक्षा में सहायक होगा प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षकों को आपदाओं से बचाव, आपातकालीन सुरक्षा और राहत कार्यों से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी मिली। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास में भी सहायक हो सकते हैं।