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एसएफआई के 23वें सोलन जिला सम्मेलन में राघव अध्यक्ष और साहिल सचिव निर्वाचित

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी सोलन का 23वां जिला सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में छात्र संगठन की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान 21 सदस्यीय जिला कमेटी और 8 सदस्यीय सचिवालय का गठन किया गया। राघव को जिला अध्यक्ष और साहिल को जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया। इस दौरान शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने और प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों पर चर्चा हुई। इसके अलावा छात्र संघ चुनावों की बहाली तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े हमलों के मुद्दों पर राजनीतिक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। नवनिर्वाचित जिला सचिव साहिल ने शिक्षा पर हो रहे हमलों के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही। वहीं, जिला अध्यक्ष राघव ने छात्र अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। शिक्षा को बाजार और मुनाफे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि निजी शिक्षण संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इन्हें बंद करने की नीतियों से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। सरकार को स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश में छात्र संघ चुनावों की बहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2013 से छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं हुए हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। एसएफआई हिमाचल प्रदेश के राज्य उपाध्यक्ष नावेद आलम ने प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के विश्वास को कमजोर करती हैं। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि युवाओं को अपनी मेहनत के आधार पर सफलता हासिल करने का अवसर मिल सके। नवनिर्वाचित जिला सचिव साहिल ने कहा कि शिक्षा के निजीकरण और शैक्षणिक चुनौतियों के खिलाफ व्यापक छात्र आंदोलन खड़ा करना जरूरी है। वहीं, जिला अध्यक्ष राघव ने प्रश्नपत्र लीक, भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों और शिक्षा के निजीकरण को चिंताजनक बताया। उन्होंने छात्र संघ चुनावों की बहाली पर भी जोर दिया। नई जिला कमेटी का उद्देश्य सोलन जिले में छात्र आंदोलन को व्यवस्थित करना और संगठन को मजबूत बनाना है।

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