हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिला मुख्यालय नाहन में मंगलवार को पैंशनर्स ने रैली निकाली। रैली के बाद मांगों को लेकर एक ज्ञापन उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, राज्य प्रवक्ता रविदत्त भारद्वाज आदि ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पेंशनभोगी अपनी लंबित और जायज़ मांगों को लेकर काफ़ी समय से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार पेंशनभोगियों की पीड़ा के प्रति उदासीन बनी हुई है। 2016 और 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगी सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके वैध बकाया का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बकाया है। कुछ महीने पहले जब हमें सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला था, तो उम्मीद की एक किरण जगी थी, लेकिन सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं क्योंकि अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के पेंशनभोगियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें समय पर पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। लगातार हो रही देरी के कारण कई लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। इसके अलावा, महंगाई भत्ते (डीए) की 16 किश्तें अभी भी लंबित हैं, जिससे उन वरिष्ठ नागरिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जो पूरी तरह से अपनी पेंशन पर निर्भर हैं। इस दौरान भारी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।