केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा योजना में किए गए संशोधन के विरोध में सीपीआईएम की जिला इकाई की ओर से शनिवार को मनरेगा बचाव अभियान शुरू किया। यह अभियान पांच फरवरी तक चलेगा। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से पर्चे बांटे जा रहे हैं। सीपीआईएम ने मनरेगा में किए गए संशोधन को जनविरोधी बताया है। सीपीआईएम जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि योजना में किया गया संशोधन जनहित में नहीं है। जिस स्वरुप को सामने रखने की कोशिश केंद्र सरकार की ओर से की जा रही है इसकी वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है। लोगों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले योजना के तहत ग्राम पंचायत को विकास कार्य करवाने का अधिकार पंचायतों के भीतर रहता था। अब सब कुछ केंद्र की सरकार तय करेगी। साथ ही इस योजना का 40 प्रतिशत बजट अब राज्यों की सरकार को देना होगा। इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और जमीन स्तर पर योजना नहीं चल पाएगी।