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सिरमौर:प्रारब्ध की मौत पर पिता ने उठाए सवाल, एसआईटी और उच्च स्तरीय जांच की मांग

नाहन/पांवटा साहिब (सिरमौर)। आईआईएम सिरमौर धौलाकुआं में बीएमएस तृतीय वर्ष के 19 वर्षीय छात्र प्रारब्ध शुक्ला की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मृतक छात्र के पिता अनुपम शुक्ला ने नाहन और पांवटा साहिब में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर मामले में तुरंत एसआईटी गठित करने के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। पिता और चाचा श्याम शुक्ला ने आईआईएम सिरमौर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बेटे की मौत को संदिग्ध बताया और कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अनुपम शुक्ला ने आरोप लगाया कि घटना से करीब तीन दिन पहले प्रारब्ध ने अपनी बाजू पर कट लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन इसकी जानकारी संस्थान ने अभिभावकों को नहीं दी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते परिवार को सूचना दी जाती तो बेटे को घर ले जाकर उसका उपचार करवाया जा सकता था। उनका आरोप है कि घटना के बाद भी प्रबंधन ने परिवार और पुलिस को तत्काल जानकारी देने के बजाय छात्र को स्वयं अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत भी उस दिन से पहले की बताई जा रही है। यदि परिजन बच्चे से बात न होने के चलते प्रबंधन से संपर्क नहीं करते तो शायद मौत का पता ही नहीं चलता। पिता ने कहा कि बेटे के आईआईएम में वर्ष 2024 में दाखिला लेने के कुछ समय बाद कुछ सहपाठियों द्वारा उसे परेशान किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हर रोज रात को कुछ छात्र उनके कमरे के दरवाजे में बाहर से ताला लगा देते थे। पुरी रात बच्चा अंदर कमरे में बंद रहता था। सुबह गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन या अन्य कोई ताला तोड़ता था। यह मामला प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया था। प्रबंधन ने भी बात को दबा देने को लेकर दबाव बनाया था। परेशान होकर बच्चे ने अपने स्तर पर ही उसका हल निकालते हुए मोटा ताला बाहर लगाया। जांच का विषय है कि इसके बाद किन परिस्थितियों में उनके बेटे की जान गई। उन्होंने दावा किया कि छात्र के कमरे से कुछ सामान भी गायब है, जिसकी जांच होनी चाहिए। यह भी जांच का विषय है कि बच्चे के पास महिला का दुपट्टा कहां से आया है, जिससे फंदा लगाया बताया जा रहा है। हॉस्टल खाली करवाने पर भी उठाए सवाल अनुपम शुक्ला ने कहा कि जब मामले की जांच चल रही है, ऐसे समय में संस्थान ने सभी छात्रों को करीब एक सप्ताह की छुट्टी देकर हॉस्टल खाली करवा दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच के बीच घटनास्थल और छात्रों से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के बजाय हॉस्टल खाली करवाने की जरूरत क्यों पड़ी। पिता ने मीडिया के समक्ष एक वीडियो भी साझा किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनका दावा है कि इसमें संस्थान की ओर से छात्रों को मामले पर बोलने से बचने की हिदायत दी जा रही है और कहा जा रहा है कि इससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। वीडियो में कथित तौर पर थाने और अदालती कार्रवाई का हवाला देकर छात्रों को डराने तथा परीक्षा का बहाना बनाकर मामले से अलग रहने की अपील किए जाने की बात भी कही गई है। पिता ने आरोप लगाया कि ऐसी परिस्थितियां पूरे मामले को और संदिग्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत को महज आत्महत्या मानकर जांच को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोची-समझी साजिश भी हो सकती है और हर पहलू की जांच होनी चाहिए। पिता ने केंद्रीय स्तर पर जांच एजेंसी से जांच करवाने अथवा एसआईटी गठित करने की मांग दोहराई। एसपी बोले- एसआईटी का होगा गठन एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने कहा कि प्रारब्ध शुक्ला की मौत के मामले में परिजनों की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू से निष्पक्ष और गंभीरता से जांच करेगी। निदेशक बोले- घटना का पता चलते ही अस्पताल पहुंचाया आईआईएम सिरमौर के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल अग्निहोत्री ने परिजनों के आरोपों को नकारते हुए कहा कि घटना के समय छात्र हॉस्टल के कमरे में अकेला था। उस दिन अन्य छात्र परीक्षा देने गए हुए थे। घटना का पता चलते ही छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और उसके पिता को फोन के माध्यम से सूचना दी गई। निदेशक ने कहा कि संस्थान ने पूरे मामले में मानवीय संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई की है।

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