किसी का बच्चा अगर नशे की ओर बढ़ रहा है तो इससे भयंकर कुछ भी नहीं हो सकता। कोई भी बच्चा अपने मां-बाप को हारता हुआ नहीं देखना चाहेगा। लेकिन जो बच्चा नशे के इस दलदल में फंस गया, उसके मां-बाप रोज हारते हैं, रोज मरते हैं..। डीएवी स्कूल नाहन में गुरुवार को अमर उजाला फाउंडेशन के सौजन्य से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में यह बात जिला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए इससे दूर रहने का आह्वान किया। इस मौके पर डीएवी स्कूल नाहन के प्रधानाचार्य जसविंद्र वर्मा समेत सभी शिक्षक विशेष रूप से मौजूद रहे। मीणा ने कहा कि जो एक बार नशे का सेवन कर लेता है, उसके लिए वापसी का रास्ता कठिन है। विशेषकर आजकल जो लोग चिट्टा समेत सिंथेटिक्स नशा कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी नौकरी के दौरान नशे से जुड़े कई अनुभव भी साझा किए। कई मां-बाप का दर्द भी सामने रखा। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि कैसे एक बाप अच्छी नौकरी, अच्छा घर और अच्छी पेंशन के बावजूद नशे की दलदल में फंसी अपनी औलाद से हार जाता है। उन्होंने प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों से अभिभावक-शिक्षक बैठक में बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दिलाने की भी बात कही। इसके अलावा साइबर क्राइम के बारे में भी विस्तार से बताया। प्रधानाचार्य जसविंद्र वर्मा ने विद्यार्थियों से अपने दोस्तों का चयन सोच समझकर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोस्त सही और अच्छे होंगे तो आप भी सही रास्ते पर अवश्य चलते रहेंगे।