बीते कई वर्षों से कामगारों की समस्याओं का निपटारा नहीं होने के कारण शुक्रवार को मजदूरों का गुस्सा फूटा। त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप वर्कर्स यूनियन (संबधित सीटू) इकाई रामपुर के बैनर तले कामगारों ने श्रम कानूनों को लागू नहीं करने और प्रदेश सरकार के न्यूनतम वेतन लागू नहीं करने के विरोध में श्रम विभाग रामपुर के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, निर्माण मजदूर यूनियन शिमला जिला के महासचिव दिनेश मेहता, त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव टीटू खन्ना ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार के राज में मजदूरों से खुली लूट हो रही है। मजदूरों के श्रम कानून और देश के संविधान को होते हुए भी त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप के माध्यम से नियोजित मजदूरों की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी है। मजदूरों को प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नहीं दी गई है। कार्यस्थलों पर मजदूरों को गुमटी नहीं होने की वजह से खुले आसमान के नीचे अपनी नौकरी करनी पड़ रही। चेताया है कि यदि जल्द त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप पर श्रम कानूनों की उल्लंघन को लेकर कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा