पीएमश्री पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर के मैदान में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान रावण के दरबार का मंचन किया गया, जिसमें रावण अपने दरबार में फरमान जारी करता है कि उसके राज्य में कोई भी साधू संत राम का नाम नहीं ले सकता है। यदि कोई साधू राम नाम का जाप करना चाहे तो उसे कर के रूप में रख देना होगा। राम नाम का जयकार करने के लिए साधुओं का वधकर उनका खून कर के रूप में राक्षस लेने लगे। इस तरह से रावण का अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ता चला गया।