सीटू ने रेलवे व बिजली बोर्ड के निजीकरण के खिलाफ और प्रदेश सरकार की ओर से बिजली बोर्ड में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने के विरोध में रामपुर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, सचिव अमित, उपाध्यक्ष रणजीत, देवेंद्र, कामराज ने कहा कि देश की आजादी के बाद भारत यह सुनिश्चित करना चाहता था कि लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी हों। इसीलिए औद्योगिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के प्रयास किए गए, जिससे पहली पंचवर्षीय योजना के दौरान 12 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) का गठन हुआ। देश को कल्याणकारी राज्य से परिभाषित किया गया। परंतु कल्याणकारी राज्य नीति के विपरीत 1990 के दशक में नीतियां उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की ओर स्थानांतरित हो गईं। नव उदारवाद की नीतियों के कारण स्थायी नौकरियां खत्म हो गईं, बड़े पैमाने पर ठेकेदारी प्रथा और आउटसोर्सिंग शुरू हो गई, जिससे युवाओं को कॉर्पोरेट खिलाड़ियों की दया पर छोड़ दिया गया।