कोटली में मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा, 'मैं अपने इलाके के लिए पैसा लाता हूं, चाहे कहीं से मिले।' उन्होंने कहा कि सांसदों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला तो उन्होंने मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा कि सांसद के बारे में कहने पर मुद्दा बन गया। उन्होंने साफ किया कि वह क्यों न कहें, हमारे सांसद हैं। मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी की बात करने नहीं, विकास की बात करने जाते हैं। उनका उद्देश्य अपने क्षेत्र के लिए विकास कार्यों के लिए धन जुटाना है। अनिल शर्मा ने कहा कि वह खुद राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और उन्होंने पूरे हिमाचल में धनराशि दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्यसभा सांसद रहे आनंद शर्मा और विप्लव ठाकुर ने उनके क्षेत्र के लिए पैसा क्यों नहीं दिया। फंड लाना विधायक के लिए चुनौती है। सोशल मीडिया पर बैठकर पैसा लाने पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन जमीन पर विकास कार्य करवाने के लिए प्रयास करने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 दिन पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह से भी उनकी करीब एक घंटे मुलाकात हुई। उनकी प्राथमिकता मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर डालना नहीं, बल्कि क्षेत्र के काम करवाना है। अनिल शर्मा ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मंडी और प्रदेश के लिए काम किया था। उनके किए कार्यों और लोगों से बने संबंधों का प्रभाव आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि पिता ने जो पौधा बोया था, वह आज बड़ा हो चुका है। इसी विरासत और लोगों के साथ संबंधों को आगे बढ़ाते हुए वह विकास के लिए मुख्यमंत्री से मिलते हैं।