राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच मुख्यमंत्री के पुतला दहन रोकने को लेकर धक्कामुक्की हो गई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं। पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को पकड़कर थाने ले गई। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन जारी रखा और बाद में सेरी मंच के पास मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एबीवीपी की ओर से जिला मुख्यालय मंडी में उपायुक्त परिसर के बाहर छात्र संघ चुनाव बहाल करने और फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने के लिए आगे बढ़े। मौके पर तैनात पुलिस और क्यूआरटी जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। कुछ देर के लिए मौके पर भगदड़ जैसा माहौल बन गया। धक्कामुक्की के बाद पुलिस चार कार्यकर्ताओं को पकड़कर थाने ले गई। इसके बावजूद एबीवीपी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और सेरी मंच के पास पहुंचकर मुख्यमंत्री का पुतला जला दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। एबीवीपी के जिला संयोजक करण ठाकुर ने आरोप लगाया कि संगठन करीब एक माह से प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द छात्र संघ चुनाव बहाल करने और फीस बढ़ोतरी के फैसले को लेकर कार्रवाई नहीं की तो एबीवीपी विधानसभा का घेराव करेगी।