भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं नैनादेवी से विधायक रणधीर शर्मा ने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि 25 जून 1975 को देश में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए आपातकाल (इमरजेंसी) लगाई थी, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस दिन को हर साल काला दिवस के रूप में मनाती है ताकि नई पीढ़ी को कांग्रेस की तानाशाही प्रवृत्ति से अवगत करवाया जा सके। रणधीर शर्मा ने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था और छह साल तक किसी भी निर्वाचित पद पर रहने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने जनता की आवाज दबाने के लिए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया। हजारों विपक्षी नेता, कार्यकर्ता, पत्रकार और स्वयंसेवक जेलों में बंद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी शांता कुमार, स्वर्गीय दौलतराम चौहान, डॉ. राधारमण शास्त्री, सुरेश भारद्वाज, स्वर्गीय प्रवीण शर्मा जैसे कई नेता मंडी शहर से बलवीर शर्मा, सुरेंद्र पाल, हेमंत राज वैद्य जैसे कई उस समय जेल गए थे। बहुत से कार्यकर्ता 16 से 20 वर्ष की उम्र में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेलों में यातनाएं झेलते रहे।