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Mandi: मंडी जिले में टाइडमैन समर क्वीन और रेड जून सेब तैयार

अंकेश डोगरा Updated Mon, 30 Jun 2025 04:40 PM IST

मंडी जिले के बागवानों के लिए अच्छी खबर है। जिले में उगाई जा रही अर्ली किस्मों टाइडमैन, समर क्वीन और रेड जून अगले सप्ताह पड़ोसी राज्यों की मंडियों में दस्तक देने को तैयार हैं। नाचन फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रधान बी.के. ठाकुर और उपप्रधान प्रेम ठाकुर ने बताया कि इस बार अर्ली वैरायटियों की तुड़ाई समय पर शुरू हो गई है और इनमें अच्छा रंग और आकार आ गया है। मंडी जिले में करसोग से लेकर जंजैहली, थुनाग, बल्ह, गोहर और सराज तक फैले बगीचों में इस समय सेब की तुड़ाई का कार्य आरंभ हो चुका है। जिला में 35 लाख सेब पेटियों का उत्पादन होता है। इनमें से एक बड़ा हिस्सा चंडीगढ़, परवाणू, शिमला और दिल्ली की मंडियों में निर्यात किया जाता है। बागवानों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें सेब की शुरुआती किस्मों के अच्छे दाम मिलेंगे। बाजार में अर्ली वैरायटियों की मांग पहले से अधिक बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार उत्तर भारत में तापमान में हल्की गिरावट और समय पर हुई वर्षा ने फलों को बेहतर रंग और मिठास दी है। इससे अर्ली वैरायटियों की कीमतें भी पिछले साल की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद है। बागवानी विभाग और स्थानीय फल उत्पादक संघ बागवानों को तुड़ाई, ग्रेडिंग और पैकिंग के लिए तकनीकी सलाह दे रहे हैं ताकि सेब की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके। बी.के. ठाकुर ने बताया कि सही समय पर तुड़ाई और ढुलाई से सेब की कीमत में वृद्धि होती है और बाजार में अच्छी छवि बनती है। नाचन, थुनाग और करसोग क्षेत्रों से ट्रकों के माध्यम से सेब को सीधे मंडियों में भेजा जाएगा। इससे न केवल सेब समय पर बाजार पहुंचेगा बल्कि बागवानों को भी लाभ मिलेगा। सेब उत्पादन से जुड़ी यह गतिविधियां मंडी जिले की आर्थिकी को बल देती हैं। खेतों में मजदूरी से लेकर ट्रांसपोर्ट और मंडियों तक हर स्तर पर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। इस बार अर्ली किस्मों के बेहतर उत्पादन से पूरे जिले में सकारात्मक माहौल है। हालांकि बागवानों के चेहरे खिले हैं लेकिन मौसम की मार और परिवहन लागत अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। बागवान सरकार से ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और पर्याप्त क्रेट्स की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। बागवानी विशेषज्ञ डॉ एसपी भारद्वाज ने बताया कि लोअर बेल्ट में सेब का बम्पर उत्पादन हुआ है। दिल्ली स्थित आढती नरेश ढल ने बताया कि मंडियों में सेब की भारी डिमांड है।

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