हिमाचल पथ परिवहन निगम की सेवाएं 1 अगस्त के बाद प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि निगम के कर्मचारियों ने 1 अगस्त से वर्क टू रूल के तहत काम करने का ऐलान कर दिया है। आज मंडी जिला के सरकाघाट में एचआरटीसी के कर्मचारियों ने गेट मीटिंग के दौरान इस बात का एलान किया। कर्मचारियों ने गेट मीटिंग के दौरान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं की तरफ ध्यान देने को तैयार ही नहीं है। न तो हमें समय पर वेतन मिल पा रहा है और न ही अन्य वित्तिय लाभ। ओवरटाइम देने का तो नाम ही नहीं लिया जा रहा। कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं और उन्हें भरने की बजाय जो मौजूदा कर्मचारी हैं उन्हीं पर अतिरिक्त बोझ डालकर काम चलाया जा रहा है। जीवन राणा ने कहा कि बरसात के इस मौसम में जब रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी होते हैं तो सभी अपने घरों में दुबक जाते हैं लेकिन उन परिस्थितियों में भी निगम के कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं। एचआरटीसी के कर्मचारी प्रदेश के उन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं जहां परिंदे भी पर फैलाने से गुरेज करते हैं। बावजूद इसके कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई तक प्रदेश भर में गेट मीटिंगों का दौर जारी रहेगा और तब तक यदि प्रबंधन ने मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया तो फिर 1 अगस्त से वर्क टू रूल के तहम सिर्फ 8 घंटें ही काम किया जाएगा। इस कारण जनता को जो परेशानी होगी, उसके लिए प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होंगे।