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Video: सराज के पखरैर में सड़कें और रास्ते तबाह, पांच किलो राशन भी घर तक ले जाना हुआ मुश्किल

Krishan Singh Updated Fri, 18 Jul 2025 12:47 PM IST

मंडी जिले के सराज क्षेत्र की अति दुर्गम पंचायत पखरैर के आपदा प्रभावित गांव अभी तक सड़क और बिजली जैसी सुविधा के इंतजार में हैं। हालांकि, पखरैर पंचायत घर तक सड़क बहाल कर दी गई है लेकिन साथ लगते सबसे ज्यादा प्रभावित गांव देजी और अन्य गांवों तक सड़कों को बहाल करने का कार्य जारी है। लेकिन नुकसान इतना ज्यादा है कि यहां सुविधाएं बहाल करने में समय लग रहा है। वहीं बिजली की सुविधा भी न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें, 30 जून की रात को पखरैर पंचायत में आपदा ने इस कदर कहर बरपाया कि लापता 11 लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। कई मकान, गोशालाएं, खेत, बाग-बगीचे और पॉलीहाउस सैलाब में बह गए। पखरैर पंचायत के तहत आने वाले देजी गांव के प्रभावितों रितिक ठाकुर और धर्म चंद ने बताया कि आपदा के पांचवें दिन उनकी पंचायत में राहत सामग्री पहुंची थी, लेकिन सड़कों और रास्ते अभी भी पूरी तरह से टूटे हुए हैं। आलम यह है कि ग्रामीणों को पांच किलो राशन भी पीठ पर उठाकर ले जाना मुश्किल हो गया है। देजी गांव में शायद ही ऐसा कोई घर बचा हो, जिसको आपदा ने जख्म न दिए हों। पांच लोग एक ही परिवार के घर सहित बह गए हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। सड़क सुविधा न होने से ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावितों ने प्रशासन और सरकार से उनके गांव में जल्द सड़क सुविधा बहाल करने की मांग उठाई है, ताकि बाकी राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। ग्राम पंचायत पखरैर की प्रधान मोनिका ठाकुर ने बताया कि उनकी पंचायत में 406 परिवार हैं और सभी आपदा प्रभावित हैं। 70 प्रतिशत सेब की फसल तबाह हो चुकी है, इतने ही पॉलीहाउस तबाह को चुके हैं।

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