सराज क्षेत्र में पिछले वर्ष आई भीषण आपदा को एक वर्ष पूरा होने पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक साल बीतने के बावजूद क्षेत्र के लोग अब भी स्थायी सुविधाओं से वंचित हैं और कई स्थानों पर हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि 30 जून 2025 को आई आपदा में सराज क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था। इस दौरान 33 लोगों की जान चली गई थी और कई परिवार बेघर हो गए थे। उनके अनुसार, क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कई इलाकों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं केवल अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे चल रही हैं। हल्की बारिश होने पर भी ये व्यवस्थाएं प्रभावित हो जाती हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 की आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में भी कई कार्य अभी तक अधूरे हैं और करीब 150 करोड़ रुपये की पेयजल योजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है, जिससे तीन दर्जन पंचायतों के लोग प्रभावित हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई बार विधानसभा और अन्य मंचों पर सराज की स्थिति का मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार ने इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से स्वयं क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लेने की अपील की। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उनका कहना था कि बरसात का नया मौसम शुरू हो चुका है और प्रभावित परिवारों के सामने एक बार फिर कठिन परिस्थितियों का सामना करने की चिंता बनी हुई है।