ग्राम पंचायत दलेड के गांव दरोब में वाहन योग्य पुल न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों और घायलों को अस्पताल पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। रविवार को गांव निवासी रंगील सिंह के पैर में चोट लगने के बाद उन्हें पालकी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल लडभड़ोल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, रंगील सिंह रविवार को काम करते समय घायल हो गए और उनकी टांग में गंभीर चोट आई। गांव तक एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें पालकी में उठाया और पैदल मुख्य सड़क तक लेकर आए। वहां से 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन योग्य पुल न होने के कारण विशेषकर बरसात के मौसम में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। किसी के बीमार पड़ने या घायल होने पर उसे चारपाई या पालकी के सहारे दलेड या बलोटू तक पहुंचाना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में बच्चों का स्कूल जाना भी जोखिम भरा हो जाता है। कई परिवार मजबूरी में अपने बच्चों को रिश्तेदारों के पास छोड़ देते हैं या दूसरे गांव में किराए का कमरा लेकर रहने को विवश हैं। स्थानीय निवासी पान सिंह, मदन कुमार, राकेश कुमार, संजय कुमार, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, सुनील, सुभाष, सुनीता देवी, मीनू देवी और सत्या देवी ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्राम पंचायत को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से गांव दरोब में जल्द से जल्द वाहन योग्य पुल का निर्माण करवाने की मांग की है। वहीं, ग्राम पंचायत दलेड की प्रधान रेखा चौहान ने कहा कि उन्होंने अभी-अभी प्रधान पद का कार्यभार संभाला है और उन्हें इस समस्या के संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को समझकर इसके समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।