जिला कुल्लू के अधिष्ठाता देवता व्यास ऋषि ने माता बूढ़ी नागिन की वास स्थली सरयोलसर में शाही स्नान किया। इस दौरान देवता ने माता बूढ़ी नागिन से पवित्र भव्य मिलन भी किया। शाही स्नान के लिए देवता ढोल-नगाड़ों, करनाल, रणसिंघों व शहनाइयों की स्वर लहरियों से 10,500 फुट ऊंची धार्मिक स्थली जयकारों से गूंज उठी। देवता व्यास ऋषि ने देव परंपरा के अनुसार सरयोलसर झील में शाही स्नान किया। इस नजारे को देखने के लिए व्यास ऋषि के हारियान क्षेत्र के साथ यहां पर आए सैलानी सहित अन्य श्रद्धालु भी साक्षी बने। चांदी के नए छात्र के साथ सजे देवता के रथ को देखने के लिएभक्तों का तांता लगा रहा। लोगों ने देवता के दर्शन करम सुख, शांति व समृद्धि का भी आशीर्वाद लिया गया। देवता व्यास ऋषि के कारदार इंदर सिंह ठाकुर व मंदिर कमेटी के सचिव ठाकुर दास वर्मा ने कहा कि देवता व्यास ऋषि नया चांदी का छत्र बनाया गया है। इसके अलावा देवता का एक अन्य छात्र जो कपड़े से बना है और यह देवता के आगे-आगे चलता है। ऐसे में देव परंपरा के निर्वहन करने के लिए देवता व्यास ऋषि ने सरयोलसर शाही स्नान किया है। इसके बाद देवता व्यास ऋषि ने एक निश्चित स्थान में शक्तियां अर्जित की हैं।