ग्राम पंचायत धरोग के कैहड़रू गांव में करीब 100 साल पुराने रास्ते को लेकर चल रहा विवाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया है। तहसीलदार हमीरपुर नरेश कुमार ने शनिवार देर शाम मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता करवाया और रास्ता खुलवा दिया। इससे इस मार्ग पर निर्भर पांच गांवों के लोगों को राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने एक निजी स्कूल संचालक पर पुराने रास्ते को बंद करने का आरोप लगाया था। इस समस्या को लेकर आदर्श जन विकास सेवा समिति कैहड़रू के सदस्यों ने 28 अक्तूबर को एसडीएम हमीरपुर को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग उठाई थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तहसीलदार को मौके पर भेजा। राजस्व विभाग की जांच और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाला गया। इसके बाद बंद रास्ते को खुलवा दिया गया। यह रास्ता पांच गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख माध्यम है। ग्रामीण इसी मार्ग से पंचायत कार्यालय, पशु औषधालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आते-जाते हैं। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब मार्ग खुलने से ग्रामीणों को फिर से आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। रास्ता खुलने पर आदर्श जन विकास सेवा समिति के प्रधान विक्रम चंद, उपप्रधान सुभाष चंद, अशोक कुमार, रविदत्त शर्मा, रवि शाह, विधि चंद और सचिव दलीप चंद ने प्रशासन का आभार जताया। एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की राजस्व विभाग से जांच करवाई गई थी। तहसीलदार ने मौके पर दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता करवाकर रास्ता खुलवा दिया है।