धर्मशाला से चड़ी-सुधेड़ होते हुए शाहपुर को जोड़ने वाली सड़क की बदहाली ने हजारों लोगों की आवाजाही मुश्किल कर दी है। पिछले करीब डेढ़-दो साल से भूस्खलन की मार झेल रही इस सड़क का लगभग 300 मीटर हिस्सा धंस चुका है। बरसात के दौरान हालात और बिगड़ गए हैं। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और मलबा जमा है, जिससे रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को हर कदम पर खतरा बना हुआ है। धर्मशाला-चड़ी-सुधेड़ सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सड़क का धंसा हुआ हिस्सा वाहन चालकों के लिए चुनौती बना हुआ है। बारिश के बीच मलबा और फिसलन बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क की मौजूदा हालत में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। सड़क की खराब स्थिति का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। बस सेवाएं प्रभावित होने से नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में दिक्कत हो रही है। स्कूली बच्चों की आवाजाही भी मुश्किल बनी हुई है। लोगों का कहना है कि सड़क की हालत जल्द नहीं सुधरी तो बरसात के दौरान परेशानी और बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर आनन-फानन में डाली गई कच्ची मिट्टी और मलबा बारिश के पानी के साथ नीचे खिसक रहा है। इससे सड़क के नीचे बसे खोला गांव के लोगों को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि लगातार बारिश के दौरान मलबा नीचे बस्ती की ओर पहुंच सकता है। ऐसे में सड़क की मरम्मत के साथ-साथ गांव की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि सड़क पर अस्थायी तौर पर मिट्टी और मलबा डालने से समस्या दूर नहीं होगी। भूस्खलन प्रभावित हिस्से की वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है। उनका सवाल है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग जागेंगे? अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।