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बिलासपुर: परमवीर चक्र विजेता ने कैडेट्स को सुनाए सैन्य सेवा के अनुभव

संकल्प एक्सपीडिशन-2026 के छठे दिन 70 एनसीसी कैडेट्स ने कलोल से अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। दिन की शुरुआत परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार के प्रेरणादायक संवाद से हुई। उन्होंने कैडेट्स के साथ अपने जीवन और सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के चुनौतीपूर्ण अभियानों का जिक्र करते हुए युवाओं को साहस, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया। सूबेदार मेजर संजय कुमार ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने कई ऐसे मिशनों को अंजाम दिया, जो पहली नजर में असंभव दिखाई देते थे। सैनिकों ने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के बल पर इन चुनौतियों को विजय में बदला। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देशभक्ति के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कैडेट्स के जोश, जज्बे और साहस की सराहना की। साथ ही उन्हें जीवन में इसी उत्साह और जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कैडेट्स के साथ संवाद के बाद सूबेदार मेजर संजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें अगले पड़ाव के लिए रवाना किया। उनकी प्रेरणा और शुभकामनाओं के साथ कैडेट्स ने सतलुज की लहरों पर अपनी अगली सेलिंग यात्रा शुरू की। छठे दिन मौसम ने भी कैडेट्स के साहस और सेलिंग कौशल की परीक्षा ली। तेज हवाओं के चलते झील में लहरें ऊंची हो गईं। चुनौतीपूर्ण जल परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स ने पूरे हौसले और अनुशासन के साथ सेलिंग जारी रखी। प्रशिक्षकों की देखरेख और मार्गदर्शन में कैडेट्स ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच सेलिंग के गुर सीखे। पूरे दिन की यात्रा के दौरान कैडेट्स ने कुल 45 किलोमीटर का सफर तय किया और देर शाम कोसरियां पहुंचकर छठे दिन की सेलिंग पूरी की। कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सज्जन कुमार ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार जैसे वीर योद्धा के अनुभव और प्रेरणादायक शब्द कैडेट्स के लिए जीवनभर की सीख हैं। कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ असंभव परिस्थितियों को विजय में बदला, वही जज्बा आज कैडेट्स में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बावजूद कैडेट्स का 45 किलोमीटर की सेलिंग पूरी करना उनके मजबूत हौसले और प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इसी जज्बे, अनुशासन और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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