हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने घोषणा की है कि 11 जुलाई से कांगड़ा के बनखंडी स्थित माता बगलामुखी मंदिर से “प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा” की शुरुआत की जाएगी, जो शिमला तक जाएगी। संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि यह पदयात्रा न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम सहित 25 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से कई बार बातचीत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यह यात्रा कांगड़ा, देहरा, ज्वालाजी, नादौन, हमीरपुर, भोटा, घुमारवीं, बिलासपुर, दाड़लाघाट और शालाघाट होते हुए 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी। इसके बाद 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। रमेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 5,000 से अधिक जेबीटी पद खाली हैं, जबकि हजारों स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों की स्थिति कमजोर हो रही है और छात्रों का निजी स्कूलों की ओर रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) को समाप्त करने और यू-डाइस कोड खत्म करने की प्रक्रिया से प्राथमिक शिक्षा की पहचान पर संकट खड़ा हो गया है। संघ ने सरकार से 7 जुलाई तक वार्ता की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि बातचीत नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।