राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरित किए और शुभकामानएं दीं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में प्रशिक्षणार्थियों को समय के साथ स्वयं को लगातार अपग्रेड करते रहना होगा। अर्जित ज्ञान और कौशल में व्यावहारिकता लाकर ही युवा अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का अहम फैसला लिया है। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने जल रक्षकों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण भाव के साथ ग्रामीण स्तर पर बेहतर सेवाएं प्रदान करें। मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों को एआई केंद्रित बनाना समय की मांग है। कहा कि तकनीकी संस्थानों से कुशल मानव संसाधन तैयार होना चाहिए, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।