जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट की रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी और राजस्व संबंधी मामलों सहित धारा 138 से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने कहा कि इस बार लोक अदालत में करीब आठ हजार मामलों को रखा गया है। लोक अदालत की कार्यवाही सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। जिन पक्षकारों के मामलों को शामिल किया गया है, उन्हें पहले ही नोटिस जारी कर सूचना दे दी गई है। मामलों की सुनवाई के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया है। इनमें से पांच बेंच जिला न्यायालय जगाधरी में तथा एक बेंच व्यासपुर न्यायालय में कार्य करेगी। लोगों की सुविधा के लिए अलग से हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। सुमित्रा कादियान ने बताया कि लोक अदालत आपसी सहमति से विवादों के समाधान का प्रभावी मंच है। यहां दिए गए फैसलों को सामान्य अदालतों के फैसलों के बराबर कानूनी मान्यता प्राप्त होती है। इससे लोगों को कम समय और कम खर्च में त्वरित न्याय मिलता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 14,996 मामलों का निपटारा कर तीन करोड़ तीन लाख 67 हजार 945 रुपये की मुआवजा राशि दिलाई गई थी। वहीं 13 दिसंबर 2025 को हुई लोक अदालत में 13,950 मामलों का समाधान किया गया था। उन्होंने लोगों से लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।