तीर्थराज कपालमोचन मेले के बाद शुक्रवार को जगाधरी के बर्तन बाजार में बर्तनों का मेला लगा। जिस तरह से कपालमोचन मेले से पीढ़ी ले जाने की परंपरा है, ठीक उसी तरह जगाधरी से बर्तन ले जाने की भी परंपरा है। कपालमोचन से वापस जाते समय जगाधरी से श्रद्धालु बर्तन खरीद कर ले जाते हैं। इस मौके को भुनाने के लिए बर्तन व्यापारी अंबाला रोड समेत बाजार में स्टॉल लगाकर बर्तन बेचते हैं। शुक्रवार को जगाधरी के बर्तन बाजार में बर्तनों के स्टाॅल लगाए गए थे। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ भी खूब दिखी। मटका चौक से जगाधरी मेन बर्तन बाजार में भी दुकानदार और अन्य व्यापारी स्टॉल लगाकर बर्तन बेचते हैं। प्रशासन के अनुसार करीब 200 से अधिक दुकानें यहां पर लगती है। एक अनुमान के अनुसार एक-एक दुकानदार 40 से 50 हजार रुपए का सामान बेच देता है।इस तरह से लाखों रुपए के बर्तन दो दिन में बिकते हैं।