यमुनानगर। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में हरियाणा पावर एम्प्लॉइज एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सर्किल कार्यालय यमुनानगर में प्रदर्शन किया। दशहरे के दिन कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के खिलाफ नारेबाजी कर पुतले दहन किए। कर्मचारियों ने फैसले को सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर हमला बताते हुए 22, 23 और 24 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल करने का एलान किया। प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता सर्किल सचिव विक्रम कंबोज और मनदीप शर्मा ने की, जबकि संचालन अमर पाल और नितिन राणा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस देने का फैसला बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के लिए करनाल में आपात बैठक भी बुलाई गई है। सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य उपप्रधान मनजिंदर सिंह, राज्य ऑडिटर सतीश जांगड़ा और एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जैसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का अधिकार देने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इन क्षेत्रों से निगम को अधिक राजस्व मिलता है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में दूसरे जिलों में भी निजी कंपनियों को वितरण का जिम्मा सौंपने का रास्ता खुल सकता है। महंगी बिजली और रोजगार पर संकट का जताया विरोध वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से आम उपभोक्ताओं, किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों के हित प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी और सब्सिडी पर असर पड़ने की चिंता जताई। साथ ही प्रदेश के करीब 40 हजार नियमित, कच्चे और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों तथा इंजीनियरों के रोजगार और भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से तैयार बिजली नेटवर्क का इस्तेमाल निजी कंपनियों के व्यावसायिक हितों के लिए करना उचित नहीं है। अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों के काम करने से सरकारी निगमों पर ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों की जिम्मेदारी का आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। सर्व कर्मचारी संघ ने दिया समर्थन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, जिला प्रधान महिपाल सोदे और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह रावत ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिजली बुनियादी जरूरत है, इसलिए सरकारी निगमों को मजबूत करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने और उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की जरूरत है। प्रदर्शन में एसडीओ अमित कुमार, एसडीओ नेहुल चौधरी, पवन हांडा, विजय प्रकाश, अमीर चंद, माया राम, करम सिंह और राजेश कुमार सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। संयुक्त मोर्चा ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा और कर्मचारियों, उपभोक्ताओं तथा सार्वजनिक बिजली व्यवस्था के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।