वामपंथी पार्टियों एवं अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। संगठनों ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि फिलिस्तीन में नरसंहार रुकना चाहिए। अमेरिका एवं इजरायल की तानाशाही पर भी अंकुश लगे। धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के उपाध्यक्ष कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी ने की। धरने को संबोधित करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जिला सचिव आनंद शर्मा ने कहा कि साम्राज्यवादी देश अमेरिका के इशारे पर इजरायल फिलिस्तीन की निर्दोष जनता, स्वास्थ्य व शिक्षा केंद्रों पर निर्दोष लोगों के घरों पर बमबारी कर रहा है, जिसके चलते अभी तक 55 से 60 हजार बच्चों, महिलाओं एवं निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार अमेरिका की पिछलग्गू बनी हुई है। हमारे देश की सरकार ने युद्ध रुकवाने में अहम रोल अदा करनी चाहिए और फिलिस्तीन का साथ देना चाहिए, वहीं इजराइल को कठोर शब्दों में युद्ध रोकने के लिए दबाव बनाना चाहिए , लेकिन केंद्र सरकार मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रही है। जिसे भारत की जनता भली-भांति समझ रही है। वामपंथी पार्टियों, जन- संगठनों, कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों ने पूरे देश में एक दिवसीय धरना देकर मांग की है कि युद्ध बंद किया जाए, भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठानी चाहिए, ताकि अमेरिका इजरायल की तानाशाही रोकी जा सके।