पिछले कुछ दिनों से बढ़ी गर्मी के कारण गेहूं की फसल को नुकसान का खतरा बना हुआ था, लेकिन हल्की बूंदाबांदी से किसानों को राहत मिली है। इस समय गेहूं की फसल दूधिया अवस्था में है और तेज गर्मी से दाना पतला पड़ सकता था। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे फसल के लिए मौसम अनुकूल हो गया है। कृषि विभाग अधिकारी ने बताया कि अगर बारिश सामान्य रहती है तो तापमान फसल के अनुसार रहेगा और पैदावार अच्छी होगी। हालांकि ज्यादा बारिश या खेतों में जलभराव की स्थिति बनने पर फसल को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए किसान सतर्क रहें। कृषि विभाग के अनुसार, अगर दोबारा गर्मी बढ़ती है तो किसान न्यूरोटो पोटाश 60 प्रतिशत 400 ग्राम को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें। इससे गेहूं के दाने का साइज बढ़ता है, दाने में चमक आती है और फसल को मौसम की मार सहने की ताकत मिलती है। इससे दाना गर्मी से पिचकने से भी बच जाता है।