बावल में रविवार को सर छोटूराम की 143वीं जयंती छोटूराम चौक पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर मनाई गई। भारतीय किसान यूनियन के नेता रामकिशन महलावत ने बताया कि महापुरुष किसी जाति धर्म के नहीं होते वे देश के होते हैं। मुसलमानों ने उनके किये गए कार्यों के प्रभावित होकर रहबरे आजम की उपाधि दी थी। उन्होंने मजलूम किसान गरीब कमेरे और निचले तबके के वंचित समाज के लोगो के लिए कार्य किया। समाज में उनके किये गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके किये गए प्रयास से ही किसानों को भूमि का मालिकाना हक मिला। सरकार किसानों के नाम से वोट मांगती है। इस अवसर पर महेन्दर ककरावत, सुमेर बनीपुर, रामफल सिंह, महेंद्र थानेदार, हंसराज कोच, सूरजन सिंह, नवीन ढिल्लों, कृष्ण कुमार, ईश्वर महलावत, राजू चौधरी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।