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VIDEO : रेवाड़ी में डॉ. आबिदी बोले- कमाल के शायर का गुमनाम होना दुखद

भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 24 Nov 2024 06:41 PM IST

नैरंग सरहदी का सारा कलाम कमाल का है। ऐसे शायर का उनके घर में गुमनाम होना बेहद दुखद है। यह बात अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लेखक एवं समीक्षक डॉ. सैय्यद तक़ी आबिदी (कनाडा) ने शायर नैरंग सरहदी की कर्मभूमि रेवाड़ी में कही। वे यहां आइडिया कम्युनिकेशंस की ओर से मित्रम् व राज इंटरनेशनल स्कूल के सहयोग से आयोजित इंडिया कॉनक्लेव नैरंग सरहदी स्मृति समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। समारोह की अध्यक्षता दी पेन फाउंडेशन के चेयरमैन, लेखक व फिल्म निर्देशक आसिफ़ आज़मी ने की। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के संस्कृति प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. चितरंजन दयाल सिंह कौशल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में फिल्मी गीतकार एवं जाने-माने शायर शकील आज़मी मुख्य शायर रहे। समारोह में ज़श्न-ए-बहार की संस्थापक कामना प्रसाद तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर चंद्रशेखर विशिष्ट अतिथि रहे। समाजसेवी नवीन सैनी ने स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाई। विचार गोष्ठी, मुशायरे, लोकार्पण तथा सम्मान के इस कार्यक्रम ने साहित्यप्रेमियों को देर रात तक चार घंटे बांधे रखा। अध्यक्षीय संबोधन में जहां श्री आज़मी ने भारतीयता एवं राष्ट्रीयता का शायर बताते उन्हें पद्मश्री का हक़दार बताया। मुख्य वक्ता डॉ. आबिदी ने उन्हें मानवता का रचनाकार बताते हुए उन पर उर्दू अकादमी द्वारा पुरस्कार प्रारंभ करने तथा उनकी रचनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की।

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