सावन माह के चौथे शनिवार को शहर सहित पूरे जिले के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। सुबह से ही शिवालयों और सिद्धपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी, सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन, सनातन धर्म शिव मंदिर सेक्टर-11 और ऐतिहासिक प्राचीन देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया था और सुबह तड़के से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर मन्नतें मांगीं। आचार्य भगवत शर्मा ने सावन के शनिवार का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष फल मिलता है, लेकिन सावन का शनिवार बेहद फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव और हनुमान जी की पूजा का विशेष संयोग बनता है। उन्होंने बताया कि सावन के शनिवार को शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करने से शनि दोष, ढैय्या और साढे साती के कष्टों से मुक्ति मिलती है। जो लोग इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करते हैं, उनके जीवन से आरोग्य, सुख और समृद्धि का आगमन होता है तथा सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। संध्याकाल में मंदिरों में विशेष आरती और संकीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया।