जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारियों को शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर सीपीआर का प्रशिक्षण दिया। आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार मीना और जीआरपी प्रभारी राजेश कुमार ने इसकी देखरेख की। इसका उद्देश्य आमजन और रेलवे कर्मचारियों को आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हार्ट अटैक, बेहोशी, चोट या किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जागरूक करना रहा। रेलवे स्थित स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य फार्मासिस्ट डॉ. विकास ने सीपीआर और प्राथमिक उपचार की बारीकियां विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि अचानक हार्ट अटैक की स्थिति में रोगी को बचाने के लिए तुरंत कृतरिम सांस और एक्यूप्रेशर तकनीक का प्रयोग कितना आवश्यक है। चोट लगने पर मौके पर ही दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉक्टर विकास ने सिखाया कि हादसे के समय घबराने की बजाय सही तकनीक से सीपीआर देने पर किसी की जान बचाई जा सकती है। दोनों थाना प्रभारियों ने कहा कि आमतौर पर लोग आपातकालीन स्थिति में घबरा जाते हैं और समय पर सही उपचार न मिलने से रोगी की जान खतरे में पड़ जाती है। यदि अधिक से अधिक लोग सीपीआर की जानकारी हासिल कर लें तो अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस मौके पर रेलवे स्टेशन अधीक्षक रमेश चंद्र, आरपीएफ एसआई अमित कुमार, जीआरपी एसआई सुरेंद्र कुमार सहित रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बलों के कई अधिकारी मौजूद रहे।