भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के प्रतिनिधियों की बैठक वीरवार शाम उपायुक्त कैंप कार्यालय में जिला प्रशासन व पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ हुई। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्या रखी तभी उपायुक्त सुशील सारवान ने मार्केट रेट तय करने के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड इंडिया के अधिकारियों को 17 गांवों की जमीन का मूल्यांकन रिपोर्ट जल्द कार्यालय में जमा करने के लिए कहा। उपायुक्त ने किसानों को आश्वस्त किया कि सभी 17 गांवों की जमीन का वास्तविक मार्केट मूल्य तय कराने के लिए जिला प्रशासन किसानों के अधिकारों का हनन नहीं होने देगा। गुजरात के कच्छ से शुरू हुई हाई ट्रांसमिशन लाइन के हिस्से में दिल्ली के औचंदी से गांव माहरा तक एक लाइन बिछाई जा रही है। वर्तमान में गांव झिंझौली के पास किसानों ने लाइन बिछाने का कार्य रोका हुआ है। भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर 21 मार्च को नई मुआवजा नीति से किसानों को बड़ी राहत मिली। किसानों को उसका वास्तविक मार्केट मूल्य तय होगा जब तक संघर्ष जारी रहेगा। दहिया चौबीसी के प्रधान उमेश दहिया ने बताया कि पावर ग्रिड के नापाक इरादों को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान हलालपुर के सरपंच वीरेंद्र, कृष्ण, जगदीश, कवित, संदीप, मोनू, महेंद्र और विभिन्न गांव के किसान मौजूद रहे।