मौसम बदलाव, ज्यादा तेज आवाज में बोलने और बिना अभ्यास के गाना गाने से लोगों के गले में संक्रमण बढ़ने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज गले में संक्रमण के करीब 40 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को गले में संक्रमण होने पर गर्म पानी से गरारे न करके तुरंत चिकित्सक के परामर्श लेने की सलाह दे रहे हैं। गले में हल्का दर्द होने पर, पानी पीते या खाना खाते समय, बोलते समय दर्द होने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। जिला नागरिक अस्पताल में ईएनटी (कान-नाक-गला) विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रही हैं कि उन्हें मौसम बदलते समय ठंडा पानी न पीकर मटके का या गुनगुना पानी पीना चाहिए। उन्होंने बताया कि गले में संक्रमण का कारण ज्यादा तेज आवाज में बोलना, बिना अभ्यास के भजन-कीर्तन, सत्संग कार्यक्रम में भजन गाने या गाना गाने से भी हो सकता है या मौसम बदलाव के समय फ्रीज का ठंडा पानी पीने से, ऐल्कोहॉल, तंबाकू का ज्यादा सेवन करने से हो सकता है। ऐसे में लोग चिकित्सक से जांच न कराकर घर पर ही गर्म पानी के गरारे करने लगते हैं जो संक्रमण में सही नहीं होता है। इसलिए गले में दर्द होते ही चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए और चिकित्सक के बताए अनुसार ही दवा व परहेज करने चाहिए। डॉ. शिवांजलि, ईएनटी विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।