पानीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिर से बढ़ने लगा है। यह एक दिन राहत के बाद बढ़कर 358 तक पहुंच गया है। यह शुक्रवार को 206 दर्ज किया गया था। शुक्रवार को यह 206 अंक पर था। पानीपत समेत दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-3 लागू है। इन सबके बीच शनिवार को एक्यूआई बढ़ गया है। जो चिंता का विषय है। दिल्ली के बाद प्रदेश में सबसे अधिक एक्यूआई जींद का 405 है। पानीपत प्रदेश में चौथा सबसे प्रदूषित जिला बन गया है। जींद के बाद बहादुरगढ़ का सबसे अधिक 383, सोनीपत का 377 और भिवानी का तीसरे नंबर का 368 है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिल्ली एनसीआर के जिलों में शुक्रवार को ग्रैप-3 लागू किया था। इसके साथ निर्माण और खनन कार्यों पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को पानीपत का एक्यूआई 206 पर था। इसके शनिवार को कुछ कम होने की उम्मीद थी। यह इसके उलट रहा। शनिवार को एक्यूआई एकदम बढ़कर 358 पर पहुंच गया। हवा की स्थिति भी चिंता पैदा करने वाली है। पीएम 2.5 जिले में 358.0 और पीएम -10 का आकड़ा 329.0 पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों की माने तो यह अब अगले दिन दिन बढ़ सकता है। ठंड बढ़ने के साथ धुंध भी गहराने लगी नवंबर का महीना जाते-जाते ठंड भी बढ़ने लगी है। सुबह व रात के समय जल्दी ही धुंध पड़नी शुरू हो जाती है। जिसके चलते सड़क पर कुछ दिखाई भी नहीं देता है। धुंध बढ़ने के कारण वाहनों की गति धीमी होने लगी है। शनिवार का अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले सप्ताह तापमान और कम होने की उम्मीद है। एक्यूआई दो दिन से लगातार बढ़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जिला में ग्रैप-3 की शर्त लगाई गई हैं। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा जिला में पराली और धान के अवशेषों में आग लगाने पर रोक लगाई गई है। डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।