गांव कुतबापुर मं हवन यज्ञ आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर वेदोपदेशक कप्तान जगराम आर्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रेम से मिलकर चलो और बोलो। सभी ज्ञानी बनो, पूर्वजों की भांति तुम कर्तव्य के मानी बनो। माता के बताए हुए वैदिक सिद्धांतों पर चलने से संतानें शिक्षित सम्य और संस्कारवान बनती हैं। आदर्श गृहस्थ बनने के साथ-साथ घर मं स्वर्ग की स्थापना हो जाती है। इससे सभी प्रकार के सुख शांति, साधन भरपूर मात्रा में विकसित हो जाते हैं। मूर्ति देवी के तीनों सुपुत्र महेंद्र सिंह आर्य, यतेंद्र और बिजेंद्र ने स्वर्गीय माता को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आर्य समाज कुतुबापुर की कार्यकारिणी का महेंद्रसिंह को निर्विरोध प्रधान निर्वाचित किया गया।