कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर डिस्टेंस एजुकेशन प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ गंभीर अन्याय का आरोप लगा है। छात्रों का कहना है कि बिना किसी ठोस और स्पष्ट कारण के पूरी कक्षा को फेल कर दिया गया, जो न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है। इसी को लेकर मंगलवार को छात्रों में आक्राेश दिखाई दिया और कुलपति कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कुलपति स मिलने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षाकर्मियों से भी छात्र भिड़े। छात्रों ने कहा कि इससे पहले प्रशासन से फैसले के खिलाफ जब विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई, तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देकर छात्रों को डराने का प्रयास किया। छात्र नेता भारत बराड़ ने कहा कि अगर सवाल पूछना अपराध है, तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे। छात्र किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे। छात्र नेता अंशुल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन रीअपीयर और रिवैल्युएशन के नाम पर छात्रों से खुली लूट कर रहा है। जानबूझकर रिवैल्युएशन का रिजल्ट इतना देरी से जारी किया जाता है कि विद्यार्थी मजबूरी में रीक्षा भी दें और दोबारा फीस भी भरें। कई मामलों में तो रीअपीयर का परिणाम पहले घोषित कर दिया जाता है, जबकि रिवैल्युएशन का रिजल्ट छह महीने से लेकर एक साल बाद आता है। छात्रों का कहना है कि यह लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित शोषण है। विद्यार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा को पूरी तरह व्यवसाय बना दिया है। हर साल फीस में बढ़ोतरी की जा रही है और अब स्पेशल रिवैल्युएशन फीस को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि डिस्टेंस एजुकेशन प्रथम वर्ष का रिजल्ट तुरंत रद्द कर दोबारा घोषित किया जाए, रिवैल्युएशन का परिणाम रीअपीयर फॉर्म भरने से पहले जारी किया जाए, रिवैल्युएशन रिजल्ट की अधिकतम समय-सीमा 30 दिन तय की जाए और बढ़ाई गई स्पेशल रिवैल्युएशन फीस तुरंत वापस ली जाए। इस मौके पर छात्र नेता अनिकेत सिंह, करण गाबा, एडवोकेट अमर लोहट, एडवोकेट सूरज लोहट, सचिन योगी सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।