सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से यमुनानगर के छिल्लोर गांव की ज़मीन पर बनाया जा रहा है, जिसका निमार्ण कार्य अगले माह तक पूरा होने की उम्मीद है। अभी तक 20 हजार से अधिक डंपर मिट्टी यहां से उठाई जा चुकी है। यह मिट्टी का उपयोग भी कैल से लेकर पांवटा साहिब तक निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के निमार्ण में किया जा रहा है। इसी सीज़न में बरसाती पानी को इस रिजर्व वायर में रोकने की योजना है और उसके बाद उस पानी को सरस्वती नदी में इस्तेमाल किया जाएगा। सोमवार को रिजर्व वायर का निरीक्षण करने के बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से उसके आस-पास के इलाक़े में बहुत बड़ी पानी की कमी दूर होगी। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा तो इस क्षेत्र में आने वाली बाढ़ से भी बड़े स्तर पर राहत मिल पाएगी। कभी बाढ़ आदि आई तो उसका पानी भी इसमें एकत्रित किया जाएगा, जिसे बाद में सरस्वती के जरिए उपयोग में लाया जाएगा। इससे किसानों को बड़ा फ़ायदा होगा। नायब सैनी सरकार बरसात के पानी को किसानों के लिए इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है इस प्रोजेक्ट पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी काम कर रही है व जून के अंत तक पानी के इस्तेमाल के लायक़ बनाया जाएगा