हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव में विजयी रहे आजाद प्रत्याशियों को इनेलो नेता अभय चौटाला व अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल के हाथों नहीं खेलना चाहिए। 22 साल के कड़े संघर्ष के बाद पहली बार बनने जा रही कमेटी की कमान फिर बादल के हाथ गई तो संगत विजयी हुए प्रत्याशियों को माफ नहीं करेगी। इनका यह फसला संगत को किसी भी स्तर पर हजम नहीं होगा। ऐसे में आजाद विजेता रहे प्रत्याशियों को गंभीरता से विचार करना अपने लोगों को ही कमेटी की कमान सौंपने का फैसला लेना चाहिए। यह कहना है अकाली पंथक दल झींडा ग्रुप के मुखिया जगदीश सिंह झींडा का।