आज ऐसे शिक्षण संस्थान खोेले जाने की जरूरत है, जिसमें युवाओं को अच्छी शिक्षा मिल सके और वे भविष्य में बड़े स्तर पर पहुंचकर समाज के लिए सहायक साबित हो। यह आह्वान इनेलो महासचिव नेता अभय चौटाला ने किया। वे रविवार को जाट धर्मशाला में सर छोटू राम जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि आज समाज को आगे बढ़ाने की जरूरत है, जिसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। हमें अपने बच्चों के लिए ऐसे संस्थान तैयार करने होंगे, जिनमें आईएएस स्तर के अधिकारी निकल सके। उन्होंने जाट धर्मशाला समिति की ओर से चलाए जा रहे शिक्षण संस्थान के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सप्रीमों रहे ओम प्रकाश चौटाला की स्मृति में 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। चौटाला ने जाट आरक्षण के दौर को भी याद किया और कहा कि उस समय समाज ने आरक्षण की मांग की थी लेकिन तत्कालीन मनोहर सरकार ने भी महज भरोसा ही दिया था। जब कुछ बात नहीं बनी तो रोहतक से आंदोलन की शुरूआत हुई थी। तत्कालीन सरकार ने आरक्षण देने की बजाए उसे कुचलने का ही प्रयास किया। छह माह तक सरकार के आह्वान पर आंदोलन थम गया था, जिसके बाद भी सरकार ने आरक्षण देने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया, जिसके बाद फिर आंदोलन तेज हो गया। ... जब कहीं दिखाई नहीं दिए नेता अभय चौटाला ने कहा कि जब प्रदेश में हर जिला में आंदोलन चल रहा था लेकिन यह हैरानी थी कि जो लोग हमारे ऊपर राजनीति कर रहे थे वे उस दौरान कहीं नजर नहीं आए थे। इन नेताओं को मौके पर आंदोलन में पहुंचना चाहिए था। उन्होंने हुड्डा का नाम लेते हुए कहा कि जब एक खास बैठक हो रही थी तो वे उसमें शामिल भी नहीं हुए थे।