जमीनी विवाद से परेशान उचाना क्षेत्र के झील गांव निवासी 48 वर्षीय प्रहलाद सिंह ने तहसील कार्यालय उचाना में कीटनाशक दवा पीकर आत्महत्या कर ली। हालत बिगड़ने पर उसे नागरिक अस्पताल उचाना से जींद रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें भाई के दो लड़कों समेत तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी पर जमीन की तकसीम अपने नाम करवाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे सोमपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके परिवार के पास करीब आठ एकड़ जमीन है। यह जमीन उसके पिता समेत चार भाइयों के हिस्से में करीब दो-दो एकड़ आती है। आरोप है कि उसके चाचा राजकुमार के बेटे सुमित नंबरदार और सचिन उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। दोनों कथित तौर पर उन्हें धमकी देते थे कि जमीन उन्होंने खरीद ली है और जल्द ही उस पर कब्जा कर लेंगे। शिकायत के अनुसार, जमीन का विवाद कमिश्नर हिसार के पास भी विचाराधीन था। सोमवार को प्रहलाद सिंह जमीन से संबंधित काम के लिए तहसील कार्यालय उचाना गया था। आरोप है कि वहां तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो के साथ मिलीभगत कर उसकी जमीन पर कब्जा करवाने का प्रयास किया गया। इससे परेशान होकर प्रहलाद ने तहसील कार्यालय में ही कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे नागरिक अस्पताल उचाना ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने जींद रेफर कर दिया। जींद अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल में तलाशी के दौरान उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला। इसमें प्रहलाद ने आरोप लगाया कि सुमित नंबरदार और सचिन ने तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो व पटवारी के साथ मिलीभगत कर जिस जमीन पर वह खेती करता था, उसकी तकसीम अपने नाम करवा ली। सुसाइड नोट में बार-बार जमीन पर कब्जा करने की धमकी दिए जाने का भी जिक्र है। परिजनों के अनुसार जमीन के विवाद को लेकर प्रहलाद कई दिनों से परेशान था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। प्रहलाद के सुसाइड नोट और उसके बेटे सोमपाल की शिकायत के आधार पर सुमित नंबरदार व उसके भाई सचिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। -चंद्रपाल, प्रभारी, पुलिस थाना उचाना।