अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से कुलदीप सिंह मेमोरियल स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों ने बेबाकी से एसीपी सुरेंद्र कुमार ने ट्रैफिक और साइबर फ्रॉड को लेकर अपने सवाल रखे, जिनका एसीपी ने जवाब दिया। छात्राओं ने सवाल किया कि सर, जब चंडीगढ़ और दिल्ली में जाते ही सभी लोग यातायात नियमों का पालन करने लग जाते हैं तो यहां ऐसा क्यों नहीं होता। लोग नियमों का पालन करेंगे तो हादसे कम होंगे। इस पर एसीपी सुरेंद्र ने कहा कि सभी लाेगों के लिए हर जगह नियम बराबर होते हैं। यहां भी पुलिस यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती कर रही है और चालान भी किए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेजों व आम जनता के बीच उनको जागरूक भी किया जा रहा है। फिर भी यदि कोई नहीं मानता है तो उसका चालान किया जाता है। कुछ छात्राओं ने पूछा कि साइबर फ्रॉड हो जाए तो किससे संपर्क किया जाए। इस पर एसीपी सुरेंद्र ने बताया कि पुलिस को शिकायत की जाए। 1930 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतना पैसा वापस मिलने के चांस ज्यादा हो जाते हैं। जिन खातों में राशि जाती है, उनको होल्ड करवा दिया जाता है। इसलिए आपके पास भी यदि कोई बैंक केवाईसी के नाम पर ओटीपी मांगता है तो उसे नहीं देना है। साइबर फ्राॅड से केवल जागरूकता से ही बचा जा सकता है। आजकल डिजिटल अरेस्ट के केस ज्यादा आ रहे हैं। सीबीआई या अन्य पुलिस अधिकारी बनकर आपके जानकार की गिरफ्तारी या कोई अवैध पार्सल आने के नाम पर आपसे डिजिटल अरेस्ट कर पैसा मांगा जाता है, ऐसा कुछ नहीं होता। आपको उनकी बातों में नहीं आना है और कोई राशि नहीं देनी। एसीपी ने कहा कि आजकल नशे का प्रचलन बढ़ गया है। कुछ युवा शौक में नशा करते हैं, लेकिन यह शौक उनको अपराध की दुनिया तक ले जाता है। पहले शौक में नशा करते हैं, लेकिन जब पैसा नहीं मिलता तो वह चोरी या अन्य अपराध कर बैठते हैं, जिससे उनकी पूरी जिंदगी खराब हो जाती है। इसलिए नशे को ना कहना है। इस अवसर पर स्कूल की तरफ से स्कूल संचालिका बाला धनखड़, निर्देशिका कोमल सांगवान, प्रिंसिपल कविता मौजूद रहे।