प्रदेश के किसानों की जमीन का रिकार्ड परिवार पहचान पत्र से अटैच कर दिया गया है। भारत सरकार के पास स्थित जमीन के रिकार्ड को पीपीपी से अटैच करने के बाद कई किसानों के बीपीएल राशन कार्ड कट गए हैं। इस पर किसान शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जब पीपीपी में जांच की जाती है तो उस पर मैसेज दिखाया जा रहा है कि भारत सरकार के रिकार्ड के अनुसार पीएम किसान के तहत संबंधित किसान के पास 2.47 एकड़ यानी लगभग एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है। इस कारण उसका बीपीएल राशन कार्ड काट दिया गया है। प्रतिदिन पांच से दस किसान अपनी इस समस्या को लेकर लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र में पहुंच रहे हैं। यहां बता दें कि हाल ही में प्रदेश में 80426 परिवारों के बीपीएल राशन कार्ड काटे गए हैं। इसमें कई किसान भी शामिल है, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए किसानों को पोर्टल पर अपनी जमीन का रिकार्ड डालना होता है। बताया जा रहा है कि भारत सरकार के इसी पोर्टल पर दर्ज रिकार्ड को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा दिया गया है। इसके बाद ही अब परिवार पहचान पत्र के पोर्टल पर 2.47 एकड़ या एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन होने पर बीपीएल राशन कार्ड कटने का मैसेज दिखा रहा है। ऐसे केस लगातार आने पर अब क्रीड कर्मचारियों ने भी मुख्यालय पर इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, क्योंकि परिवार पहचान पत्र में आ रहे मैसेज को खोलने पर यह जानकारी नहीं दिखाई जा रही कि संबंधित किसान के पास जमीन कहां-कहां पर है जबकि दूसरे विकल्प जैसे बिजली मीटर या गाड़ी के मामले में पूरी जानकारी पोर्टल पर दिखाई देती है।